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इतिहास अनुच्छेद 370
बात उस कि समय है जब भारत अंग्रेज़ों से आजाद हुआ ही
था कि भारत दो टुकड़ेॉ में टूट गया भारत ( हिंदूओ ) & पाकिस्तान (मुस्लिम् ) ! यहिं से सिरुआत होती है अनुच्छेद 370 कि , जब भारत आजाद हुआ था तो लगभग 650 रियासतें ऐसी थी | जो स्वतंत्र थी यानि उनको यह अधिकार
था कि भारत दो टुकड़ेॉ में टूट गया भारत ( हिंदूओ ) & पाकिस्तान (मुस्लिम् ) ! यहिं से सिरुआत होती है अनुच्छेद 370 कि , जब भारत आजाद हुआ था तो लगभग 650 रियासतें ऐसी थी | जो स्वतंत्र थी यानि उनको यह अधिकार
या तो वो पाकिस्तान के साथ मिल जाए या फिर वो भारत केसाथ मिल जाए, उनको स्वतंत्र रहने का भी अधिकार था |
उनमें से ही ऐक थी|जम्मू औऱ कश्मीर की रियासत|
सन् 1947 ईसवी मैं जम्मू औऱ कश्मीर का राजा हरि सिंंह था| वो इसको स्वतंत्र रखना चाहते थे | लेकिन पाकिस्तान के मन मैं कि कुछ और ही चल रहा था | वो जम्मू औऱ कश्मीर को हड़पना चाहता था | अपने इन्ही इरादो को पूरा करने के
लिए पाकिस्तान ने जम्मू औऱ कश्मीर पर हमला कर दिया | जम्मू औऱ कश्मीर के राजा हरि सिंंह ने लार्ड मााउनटबेटन ( स्वतंत्र भारत के पहले governor) से सहायता मांगी | लेकिन लार्ड मााउनटबेटन ने मना कर दिया | तब उसने भारत की सहायता मांगी | भारत के तत्कालीन
प्रधानमंत्रि जवाहरलाल नेहरू ने कुछ समछौते करके उसकी सहायता की | यह कमान दी गई आयरन मैन के नाम विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल ( गृह मंत्री ) को उन्होने पहले स्थिति को देखा | इससे पहले वो जूनागढ, हैदराबाद
जैसी संवेदनशील रियासतो का भारत में विलय करवा चुके थे | भारत की सेना ने पाकिस्तानी सेना,आतंकवादियों, को बुरा तरह खदेड़ दिया | NCP ( NATIONAL CONFERECE PARTY) के संसथापक शेख अब्दुल्ला और भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्रि जवाहरलाल नेहरू के बीच सहमति बन गई थी | जिसके तहत जम्मू औऱ कश्मीर को कुछ विषेशाधिकार दिये गए |
अनुच्छेद 370
1. भारतीय संविधान के अनुसार, अनुच्छेद 370 जम्मू औऱ कश्मीर को विशेष अधिकार देेेेता है | जम्मू औऱ कश्मीर का अलग से ऐक संविधान (1956) बनाया गया |
2. अनुच्छेद 370 के अनुसार जम्मू कश्मीर मैं केवल जम्मू कश्मीर का ही नागरिक जमीन खरीद सकता है | और अन्य किसी राज्य का नहीं | और ना ही वहां स्थायी रूप से रह सकता है |
3. अनुच्छेद 370 के अनुसार, यदि जम्मू और कश्मीर की महिला किसी दूसरे भारतीय राज्य के पुरुष के साथ शादी कर लेगी तो उसकी जम्मू कश्मीर की नागरिकता अपने आप ही समाप्त हो जाएगाी | यदि वह पाकिस्तानी नागरिक के साथ शादी कर लेगी, तो पाकिस्तानी नागरिक को यहां की नागरिकता मिल जायेगी |
4. अनुच्छेद 370 के अनुसार , जम्मू कश्मीर मैं दो प्रकार की नागरिकता दी गई है ऐक जम्मू कश्मीर की | दूसरी नागरिकता भारत की |
5. अनुच्छेद 370 के अनुसार, जम्मू और कश्मीर मैं दो प्रकार के झण्डे होते हैं| ऐक भारत का ( तिरंगा) , दूसरा जम्मू और कश्मीर का |
6. अनुच्छेद 370 के अनुसार, जम्मू और कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल छह वर्ष का होता है | जबकि भारत के दूसरे राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल पांच | मतलब MLA ( MEMBER LEGISLATIVE ASSEMBLY)
7. अनुच्छेद 370थे के अनुसार, जम्मू और कश्मीर राज्य सुप्रीम कोर्ट का फैसला मानने के लिए बाध्य नहीं होगा |
8. अनुच्छेद 370 के अनुसार, जम्मू और कश्मीर मैं भारतीय संविधान के भाग चार ( राज्यों के नीति निर्देशक सिध्दान्त )और चार( क ) (मौलिक कर्तव्य) जम्मू और कश्मीर पर लागू नहीं होंगे| इसका मतलब ये हुआ कि जम्मू और कश्मीर का कोई व्यक्ति तिरंगे, राष्ट्रगान ,राष्ट्रीय गीत, आदि का अपमान करता है, तो ये अपराध की श्रेणी मैं नहीं होगा |
9. अनुच्छेद 370 के अनुसार , भारत सरकार को केवल जम्मू और कश्मीर मैं रक्षा मामले,( DEFENCE ) , संचार व्यवस्था ( COMMUNICATION), विदेशी मामलों (finance) , मैं हस्तछेप करने का अधिकार है |
और किसी दूसरे मामलों में नहीं |
पछ मैं. नहीं. थे. देश. के. दो. महान.
* नेता *
*डॉ भीमराव अम्बेडकर * ने अनुच्छेद 370 का मस्सोदा तैयार करने से मना कर दिया था | डॉक्टर अंबेडकर ने शेख अब्दुल्ला से कहा आप चाहते हैं कि भारत आपकी सीमाओं की सुरक्षा करें आपके यहां अनाज पहुंचाएं आपके यहां सड़क बनवाए और आप भारत को सीमित शक्ति प्रदान करें भारत के लोगों का जम्मू कश्मीर पर कोई अधिकार ना हो भारत का कानून मंत्री होने के नाते मैं ऐसा हरगिज़ नहीं कर सकता | और ना ही * देश के पहले ग्रह मंत्री
आयरन मैन के नाम से विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल * इसके पछ मैं थे |
आयरन मैन के नाम से विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल * इसके पछ मैं थे |
अनुच्छेद 370 काे * गोपालस्वामी अय्यंगर ( राजाहरि सिंह के पूर्व दीवान ) ने तैयार किया था|
क्या अनुच्छेद 370 काे हटाया जा सकता है ?
जी हां बिल्कुल हटाया जा सकता है, अनुच्छेद 370 (3) केे
अनुसार राष्ट्रपति इस अनुच्छेद को विलोपित कर सकता है|लेकिन पहले राज्य की विधानसभा से विधेयक पारित होना आवश्यक है
क्या है अनुच्छेद 35 A,
सन् 1954 ईस्वी मैं भारत के राष्ट्रपति व्दारा यह अनुच्छेद जोड़ा गया था|
इस अनुच्छेद के तहत यहां के स्थायी निवासी की पहचान होती है|
* इसके तहत जम्मू और कश्मीर का नागरिक वही माना जाएगा, जो 14 may 1954 को जम्मू और कश्मीर का नागरिक रहा हो या इससे पहले के दस वर्ष से जम्मू और कश्मीर मैं रह रहा हो|उसके पास अपनी जमीन हो |
मोदी सरकार का ऐतिहासिक फैसला
जी हां मोदी सरकार ने वो करके दिखाया है| जो अभी तक
भारत के इतिहास के पिछले 72 सालों मैं नहीं हुआ था|
भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने 5 august 2019 को सुबह 11:00 के आसपास राज्यसभा में जम्मू और कश्मीर राज्य के पुनर्गठन के विषय में बताया कि जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटा लिया गया है| इसके साथ ही अनुच्छेद 35 a भी अब निष्क्रीय हो गया है|
कई दिनों से कयास लगाए जा रहे थे कि जम्मू और कश्मीर मैं कुछ होने वाला है|अमरनाथ यात्रा को अचानक बीच में रोक दिया गया था | सैन्य दलों की छोटी छोटी टुकड़ियों को जम्मू और कश्मीर मैं भेजा जा रहा था |राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ,उमर अब्दुल्ला और के कई बड़े नेताओं के राजनीतिक भाषणों पर पाबन्दी लगा दी गई थी| राज्य के कई जिलों में धारा 144 लगा दी गई थी|
किसको पता था कि BJP GOVERNMENT फिर से इतिहास लिखने जा रही है |
लेकिन जब अमित शाह राज्यसभा में 05 august 2019 आये तो उन्होने जब घोषणा की राष्ट्रपति की सहमति से अनुच्छेद 370 को हटा लिया गया है | तो पूरे भारत में खुशी की लहर दोड़ गई|
कैसे पारित हुआ राज्यसभा से बिल ?
हमारे भारत के इतिहास में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा था| जब भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में जम्मू और कश्मीर राज्य पुनर्गठन बिल पेस किया और यह बिल 125/61 से पास हो गया | 125 सदस्य इसके पछ मैं रहे, जबकि 61 सदस्य इसके विपरीत रहे | अब जाना था बिल लोकसभा में यहां मोदी के पास पूर्ण बहुमत है|
ऐसे पारित हुआ लोकसभा से बिल!
मोदी सरकार के पास लोकसभा में पूर्ण बहुमत होने के कारण जम्मू और कश्मीर राज्य पुनर्गठन बिल निचले सदन
( लोकसभा ) से बड़ी आसानी से पास हो गया इस बिल के पक्ष में 370 सदस्य रहे जबकि 70 सदस्य इसके विपरीत रहे|
ये पार्टी रहीं जम्मू और कश्मीर राज्य पुनर्गठन बिल के पक्ष में
* बीपीएफ असम, * टीआरएस,* बसपा, * शिवसेना,* अन्नाद्रमुक,* टीडीपी,* वाईएसआर कांग्रेस,* बीजद, *
ये पार्टी रहीं अनुच्छेद 370 के साथ , जम्मू और कश्मीर राज्य पुनर्गठन के विपक्ष में
* सपा,* कांग्रेस,* त्रणमुल कांग्रेस,* पीडीपी, * ऐनसीपी,* डीएमके,* जद-यू,* वामदल,*
- जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटते ही भारत में सात की जगह होंगे 9 केंद्र शासित प्रदेश
केंद्र में मोदी सरकार ने जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने के साथ साथ जम्मू और कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांटने का निर्णय लिया है
- यह 2 केंद्र शासित प्रदेश होंगे जम्मू कश्मीर और लद्दाख
- जम्मू कश्मीर मैं दिल्ली की तरह विधानसभा होगी और साथ में केंद्र शासित Pradesh होगा
- लद्दाख मैं कोई विधानसभा नहीं होगी यह चंडीगढ़ की तरह केंद्र शासित प्रदेश होगा
- जम्मू और कश्मीर का इतिहास
जम्मू कश्मीर में पहले मौर्य का शासन हुआ करता था यहीं पर बौद्ध धर्म की चौथी महा संगति हुई थी मौर्य के शासन काल के समाप्त होते पांचवी शताब्दी से 14 वीं शताब्दी तक हिंदुओं का शासन काल रहा हिंदुओं के राजा ललिता नाथ ने जम्मू कश्मीर में मारकंडा सन टेंपल का निर्माण कराया था चौधरी 14 वीं शताब्दी की बात के बाद यहां सल्तनत इस्लाम का शासन रहा 16वीं शताब्दी में मुगलों के कब्जे में रहा 17 वी शताब्दी से 18 वीं शताब्दी तक आफ गानों और सिक्खो का जम्मू कश्मीर राज्य में जम्मू कश्मीर राज्य में का बाला रहा इसके बाद ब्रिटिशों का शासन रहा जोकि सन 1947 ईस्वी तक चलता रहा |
- जम्मू कश्मीर का भूगोल
धरती का स्वर्ग के नाम से प्रसिद्ध जम्मू कश्मीर भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर में स्थित है जम्मू कश्मीर का क्षेत्रफल 222236 किलो मीटर स्क्वायर है जो क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का पांचवा सबसे बड़ा राज्य है जम्मू कश्मीर की राजकीय भाषा उर्दू है जम्मू कश्मीर की जनसंख्या 12541302 है जिसमें लगभग 85 लाख मुस्लिम समुदाय और 3500000 हिंदू समुदाय की है और शेष जैन बौद्ध निवास करते हैं ,जनसंख्या की दृष्टि से भारत का 19 वा सबसे बड़ा राज्य है जम्मू कश्मीर की दो राजधानियां है एक श्रीनगर और दूसरी जम्मू ,श्रीनगर मई से लेकर अक्टूबर तक जम्मू कश्मीर की राजधानी होती है और जम्मू नवंबर से अप्रैल तक होती है श्रीनगर को समर कैपिटल और जम्मू को कोल्ड कैपिटल से भी जाना जाता है जम्मू कश्मीर का राजकीय पशु कश्मीरी हिरण और राजकीय पक्षी black-necked क्रेन है जम्मू कश्मीर का राष्ट्रीय पेड़ चिनार है जम्मू कश्मीर का राष्ट्रीय पुष्प कमल है जम्मू कश्मीर में अपना एक हाई कोर्ट भी है वर्तमान में जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मालिक हैं |
- अनुच्छेद 370 हटते ही यह होगा बदलाव
- जम्मू और कश्मीर दो केंद्र शासित प्रदेशों में बट जाएगा जम्मू कश्मीर और लद्दाख जम्मू कश्मीर में 20 जिले होंगे और लद्दाख में 2 जिले होंगे लेह और कारगिल
- जम्मू कश्मीर राज्य में अनुच्छेद 370 हटते ही भारत के किसी भी राज्य का कोई भी व्यक्ति जमीन खरीद सकता है और वहां स्थाई रूप से रह सकता है
3. यदि जम्मू कश्मीर की महिला किसी भारत के दूसरे राज्य के व्यक्ति के साथ शादी कर लेती है तो उसकी नागरिकता समाप्त नहीं होगी
4. जम्मू कश्मीर राज्य में अब एक ही झंडा मान्य होगा तिरंगा
5. यदि जम्मू कश्मीर का कोई भी व्यक्ति भारत के मौलिक कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा तो उस पर कार्यवाही की जा सकेगी
6.भारत के सुप्रीम कोर्ट का निर्णय जम्मू कश्मीर राज्य पर लागू होगा |
7. भारतीय संविधान का भाग 4 राज्यों की नीति निदेशक सिद्धांत जम्मू कश्मीर पर लागू होंगे
8. जम्मू कश्मीर में विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष हो जाएगा जो कि भारत के दूसरे राज्यों में विधानसभा का कार्यकाल होता है|
9. जम्मू कश्मीर में RTI (Right to Information) , RTE (right to education ) जैसे कानून लागू होंगे|
- महत्वपूर्ण तथ्य. देश की महज 1 फ़ीसदी आबादी पर भारत सरकार का पिछले 16 वर्षों में 10% बजट का खर्चा हुआ है जम्मू कश्मीर राज्य में भारत की 1 फ़ीसदी आबादी निवास करती है जम्मू-कश्मीर मैं भारत सरकार ने लगभग 93000 प्रति व्यक्ति सालाना खर्च किया है उत्तर प्रदेश में भारत की 13% आबादी निवास करती है जिसमें भारत सरकार ने 43000 प्रति व्यक्ति सालाना खर्च किया| पिछले 30 सालों में भारत के 6500 जवान आतंकी हिंसा और लड़ाई में शहीद हुए जबकि 23640 आतंकी आतंकियों का खात्मा किया है, लगभग 47000 बार आतंकी घटनाएं हुई है|







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